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Nonu's first fall


(First written on my cell, on 11/10/08, date of event)

In over enthusiasm to practice her new found ability of taking a double turn on the bed; trying a trick newly learnt, using an unattended moment from her ever so watchful Ma, Nonu had her first fall from the bed. While our hearts were in our respective mouths and we did what we could under the circumstances in our adult wisdom, I shouted, her mother sobbed, while the small bundle which precipitated the catastrophe was back to her usual toothless grin and playful charms in not more than a minute of being held in the comfort of her mother's arms. A big truth gapes at me, how idiotic we adults respond to crisis, shouting like crazy, and crying like a wimp, and the child responds with a resilience and a will to move on without blaming anyone. I know, no matter how much I try, I will not always be there to protect her, all I can do is pray that this mature way of handling crisis like a child will stay with her through all her life. 

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दो जोड़ी नन्ही आँखें

अनदेखे ख़्वाबों की दो जोड़ी नन्हीआँखें, जिन्होंने स्वप्न देखने की आयु से पूर्व दु:स्वप्न देख आँखें मूँद लीं। जो क़दम अभी चलना ही सीखे थे, लड़खड़ा कर थम गए। बचपन के घुटने पर लगी हर खरोंच, व्यस्कों के गाल पर एक तमाचा है। धर्म के आडंबरों से अछूता बाल मन जो मंदिरों और मस्जिदों को अपनी आत्मा में रखता था, धर्म की दरारों पर अपना नन्हा शव छोड़ निकल पड़ा। कहीं दूर,दग्ध शरीर के ताप से दूर, जब यह अकलुषित हृदय पहुँचा तो एक और निष्पाप दूधिया आत्मा दिखी, जिसकी पलकों के कोरों में उसकी आँखों के जैसे ही अविश्वास से सहमा हुआ अश्रु रूका था। एक दूसरे के गले लग कर दोनों बाल मन दरिया के टूटे बाँध की तरह बह निकले। घाव बाँटे, एक दूसरे के हृदय में चुभी धरती की किरचें निकाली और न देखे हुए स्वप्नों का श्राद्ध रचा। उसने थमती हिचकियों में अपना नाम बताया - ‘आसिफा’। और दुख के साथी की ठोड़ी थाम कर कहा - ‘मत रो, न्याय होगा।’ धरती की तरफ़ नन्ही गुलाबी उँगली दिखा कर कहा- “देख, भले लोग लड़ रहे है मेरे लिए, न्याय होगा। तेरे लिये भी लड़ रहे होंगे। तू मत रो” फिर बोली, “मैं पश्चिम से हूँ, तू पूरब से, पर हैं

Analyzing the Analysts- Failed Attempts to Understanding the Modi Magic

  " When a writer tries to explain too much, he is out of time before he begins. " wrote Isaac Bashevis Singer, 1978 Nobel Winning writer. As year wraps to an end and Bengal Elections are around the corner, Analysts are jumping over one another to analyze the way politics panned out over this Pandemic-ridden unfortunate and sad year.  When you go through most of the analysis, you find them dipping into the froth floating at the top. They often develop the hypothesis first then try to fit the data. This gap between interpretation and data leads to their conclusions mostly turning way off the mark. The most common and prevalent hypothesis that is being currently floated is that those who support Narendra Modi are some sort of fanatic army, which has no reason to support him and which are loyal to him in the most retrograde terms. For that very reason, Narendra Modi, in return, cares only about those who voted for him and no one else. While there is no proof of Narendra Modi app

बुद्धिजीवियों की बारात

बुद्धिजीवियों की बारात शरद जी रिटायर हो चुके थे। आधार का भय आधारहीन मान कर आधार बनवा चुके थे, और पेंशन प्राप्त कर के भोपाल मे जीवनयापन कर रहे थे। एक बार बिहार जा कर शरद जी नरभसा चुके थे, पुन: नरभसाने का कोई इरादा था नहीं, सो मामाजी के राज में स्वयं को सीमित कर के रखे हुए थे। इस्लाम आज कल ख़तरे मे नही आता था, संभवत: इमर्जेंसी के बाद से, इस्लाम सबल हो चुका था, और कल निपचती जींस और लोकतंत्र के ख़तरे मे रहने का दौर चल रहा था। न्यू मार्केट के कॉफ़ी हाऊस मे चंद बुद्धिजीवी लोकतंत्र पर आए संकट पर चर्चा कर लेते थे, जोशी जी वहाँ भी नहीं जाते थे। एक दफे वहाँ के मलियाली वेटर्स को जोशी जी के हिंदी लेखक होने का पता चल गया और उन्होंने जोशीजी को यिंदी यिम्पोजीशन के विरोध मे कॉफ़ी देने से मना कर दिया था। कहाँ शरदजी सरस्वती से ब्रह्मप्रदेश तक लिखना चाहते थे और कहाँ उन्हे बड़े तालाब के उत्तर भाग का लेखक घोषित कर दिया गया था। इस से क्षुब्ध जोशी जी अपने बग़ीचे मे टमाटर उगा रहे थे। जानने वाले कहते हैं कि इसके पीछे उनकी मँशा महान किसान नेता बन कर उभरने की थी, किंतु उन्हे पता चला कि आधुनिक किसान न